व्यक्ति जब पैदा होता है तो वह चिंता रहित होता है.या यों कहें कि वह अबोध होता है.धीरे-धीरे उसका परिवेश उसको सामाजिक,धार्मिक और अन्य बातों से प्रभावित करता है.बालक की प्रथम पाठशाला उसका घर परिवार होता है.जैसे-जैसे बालक युव अवस्था में प्रवेश करता है,उससे उसके परिवार, मां-बाप और सगे-सम्बन्धियों की अपेक्षाएं बड़ने लगती हैं.इसलिए प्रत्येक व्यक्ति जो जीवन में कुछ नया करना चाहता है,सफल होना चाहता है, तो उसको सफलता का रहस्य अवश्य ही समझना होता है .इस लेेेख में आज मैं “जीत आपकी” पुस्तक से कुुुछ अंश उद्धरित कर रहा हूं.

सफलता का रहस्य क्या है?(What is the secret of success?)

सफलता कोई रहस्य नहीं है यह केवल कुछ बुनियादी उसूलों को लगातार अमल में लाने का नतीजा होती है. इसका उल्टा भी उतना ही सही है .असफलता और कुछ नहीं बल्कि कुछ गलतियों को लगातार दोहराने का नतीजा होती है. यह बात काफी सरल लगती होगी लेकिन हकीकत यही है कि ज्यादातर सच बड़ी सरल होते हैं. मैं यह नहीं कह रहा हूं कि वे आसान होते हैं लेकिन यह सच है कि वह सरल होते हैं.

सफलता क्या है?(What is success)

अगर आप सचमुच सफल होना चाहते हैं तो उन कामों को करने की आदत डालिए जिन्हें अक्सर लोग नहीं करना चाहते. सफलता और असफलता के बारे में काफी शोध किया गया है. सफलता का राज सफल लोगों के जीवन के इतिहास को पढ़कर जाना जा सकता है. सफल लोग चाहे जिस दौर में पैदा हुए हो और चाहे जिस क्षेत्र में सक्रिय रहे हो, उनमें कुछ खासियतें म समान रूप से पाई जाती रही हैं. सफलता अपने निशान छोड़ जाती है यदि हम सफल लोगों के गुणों को पहचान कर उन्हें अपना लें तो हम भी सफल हो जाएंगे. इसी तरह असफल लोगों में भी कुछ समानताएं होती हैं यदि हम उन में पाए जाने वाली कमियों को खुद से दूर रखें तो असफल नहीं होंगे .सफलता का रहस्य व्यक्ति के संघर्ष में छुपा होता है.

ये भी पढ़े… https://sochbadlonow.com/desh-m-beti-bchao-ek-natak-hai

सफलता की परिभाषा(Definition of success)

किसी आदमी को कौन सी चीज कामयाब बनाती है ?हमें सफलता का एहसास कैसे होता है ?किसी के लिए सफलता का मतलब दौलत, दूसरे के लिए शोहरत ,तीसरे के लिए सेहत, चौथे के लिए पारिवारिक खुशी, आत्म संतुष्टि और मन की शांति हो सकता है. इसका मतलब यह हुआ कि सफलता एक नीति एहसास है अलग-अलग लोगों के लिए इसका अलग-अलग मतलब होता है .इस परिभाषा में सफलता की व्याख्या बहुत अच्छे ढंग से की गई है .

अब्राहम लिंकन की सफलता का रहस्य क्या था?
सफलता का रहस्य :अब्राहम लिंकन

” मूल्यवान लक्ष्य की लगातार प्राप्ति का नाम ही सफलता है

  अर्ल नाइटिंगेल

जीत का रहस्य क्या है?

सफलता का रहस्य, अपनी कमियों को पहचानना और अपने आत्मसम्मान को बनाए रखना एक महत्वपूर्ण बिंदु है. जिताने वाली बढ़त हासिल करने के लिए व्यक्ति को पूर्णता नहीं बल्कि उत्तमता हासिल करने की कोशिश करनी चाहिए .पूर्णता हासिल करने का सपना देखना दरअसल एक दिमागी खलल है. जबकि उत्तमता हासिल करने की कोशिश करना तरक्की या सफलता की राह पर कदम बढ़ाना है .क्योंकि ऐसा कोई काम नहीं है जिसे और बेहतर ढंग से न किया जा सके.”

“हमें केवल थोड़ी -सी बड़त हासिल करने की जरूरत होती है .दौड़ में जीतने वाले घोड़े हारने वाले गुणों की तुलना में 5 या 10 गुनी कामयाबी हासिल कर लेते हैं. क्या वह दूसरे गुणों से 5 या 10 गुना तेज दौड़ते हैं? बिल्कुल नहीं. उसमें दूसरे घोड़ों से थोड़ी सी ज्यादा तेजी होती है. शायद ना के बराबर ही अंतर होता है; लेकिन उसे 5 या, 10 गुना बड़ा इनाम मिलता है. सफल लोग असफल लोगों से 10 गुना तेज तर्रार नहीं होते. हो सकता है कि वे उनसे थोड़ी ही बेहतर हों. पर उन्हें इतनी सी तेजी की वजह से ही 10 गुना बड़ा पुरस्कार मिलता है.”

सफलता और प्रसन्नता में संबंध:

 सफलता और प्रसन्नता का चोली दामन का साथ है. सफलता का मतलब यह है कि हम जो चाहे उसे पा लें.और प्रसन्नता का मतलब यह है कि हम जो पाएं, उसे चाहें.

सफलता का मतलब अपने अस्तित्व को कायम रखना भर नहीं है .इसका अर्थ उससे कहीं ज्यादा व्यापक है.

सफलता की राह में बाधक तत्व क्या हैं?

1-अहंकार (Ego)

2-असफल /सफल होने का डर ,आत्मसम्मान की कमी ?(Fear of failure/success;lack of self-esteem)

3-कोई योजना न होना (No plan)

4-कोई निश्चित लक्ष्य न होना (Lack of formalised goals)

5-जिंदगी के उतार-चढ़ाव (Life changes)

6-टालमटोल की आदत (Procrastination)

7-पारिवारिक जिम्मेदारियां (Family responsibilities)

8-आर्थिक सुरक्षा से जुड़े मसले (Financial security issues)

9-एकाग्रता की कमी (Lack of focus)

10-भ्रमित हो जाना (Being muddled)

11-पैसे की लालच में दूर की न सोचना(Giving up vision for promise of money)

12-दृढ़ता की कमी (Lack of persistence)

13-ट्रेनिंग की कमी (Lack of training)

14-क्षमता से अधिक उल्झ  जाना (Overcommitment)

15-जुड़ाव न महसूस करना (Lack of commitment)

16-सारा बोझ खुद उठाना(Doing to much alone)

 17-प्राथमिकताएं तय न कर पाना(Lack of priorities)


सोच बदलो सफलता पाओ:-यही है सफलता का रहस्य:

सिर्फ पर जिंदगी न गुजारो -जीओ (Do more than exist-live)

सिर्फ छुओ नहीं -महसूस करो (Do more than touch-feel)

सिर्फ देखो नहीं -गौर करो (Do more than look-observe)

सिर्फ पढ़ो नहीं -जीवन में उतारो (Do more than read-absorb)

सिर्फ सुनो नहीं -ध्यान से सुनो (Do more hear-listen)

सिर्फ ध्यान से ही न सुनो- समझो(Do more than listen-understand)

आपको ये लेख कैसा लगा